ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता रद्द की, प्रदर्शनकारियों को कहा- 'प्रदर्शन जारी रखें, मदद आ रही है

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनों के बीच सभी बैठकें रद्द कर दीं। ईरानी नागरिकों से कहा- प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है। तेल कीमतें बढ़ीं, जानें पूरी खबर।

ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता रद्द की, प्रदर्शनकारियों को कहा- 'प्रदर्शन जारी रखें, मदद आ रही है
On Truth Social, Donald Trump urged Iranian citizens to continue protesting, saying, “HELP IS ON ITS WAY,” signaling strong support for demonstrators.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर ईरानी नागरिकों से 'प्रदर्शन जारी रखने' को कहा और बताया कि 'मदद रास्ते में है'।

ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा, "ईरानी देशभक्तों, अपने संस्थानों पर कब्जा कर लो! हत्यारों और दमनकारियों के नाम रिकॉर्ड करो। वे बड़ा दाम चुकाएंगे।" यह बयान ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट और हिंसक दमन के बीच आया है।

ईरान में प्रदर्शनों का पृष्ठभूमि

ईरान में पिछले कई हफ्तों से आर्थिक संकट और सरकारी दमन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर क्रैकडाउन में 600 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने 3,000 मौतों का अनुमान लगाया है।

प्रदर्शन इतने हिंसक हैं कि 2022 के विरोधों से भी ज्यादा तीव्र बताए जा रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के सलाहकार ने ट्रंप को हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी है।

ट्रंप का रुख और प्रभाव

ट्रंप ने पहले भी ईरान में हस्तक्षेप की संभावना जताई थी, कहते हुए "हम लॉक एंड लोडेड हैं।" उनका यह बयान तेल कीमतों में उछाल का कारण बना, क्योंकि बाजार में अस्थिरता बढ़ गई।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियां प्रदर्शनों की निगरानी कर रही हैं, और राष्ट्रपति की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इस पर चर्चा करेगी। ट्रंप ने साफ कहा कि प्रदर्शनकारियों की हत्या बंद न होने तक कोई बातचीत नहीं होगी।

वैश्विक प्रतिक्रिया

ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को 'आतंकवादी' करार दिया है और अमेरिकी हस्तक्षेप की आशंका जताई है। ट्रंप का यह बयान मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा सकता है।

यह घटना जनवरी 2026 में हुई, जब ईरान में आर्थिक कठिनाइयों ने जनाक्रोश को भड़काया।