बजट 2026 अपेक्षाएं: इनकम टैक्स स्लैब, जीएसटी, होम लोन, रेलवे और स्टॉक मार्केट पर अपडेट
बजट 2026 से टैक्स राहत, रेलवे कैपेक्स और स्टॉक टिप्स की पूरी जानकारी।
केंद्रीय बजट 2026 से देशभर में बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं, खासकर मध्यम वर्ग के लिए टैक्स राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ने को लेकर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश होने वाले इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव, जीएसटी सरलीकरण और रेलवे कैपेक्स पर फोकस रहने की संभावना है।
इनकम टैक्स स्लैब में संभावित बदलाव
बजट 2026 में नई टैक्स व्यवस्था के तहत स्लैब में राहत की उम्मीद है, जहां ₹4 लाख तक की आय पर जीरो टैक्स, ₹4-8 लाख पर 5%, ₹8-12 लाख पर 10%, ₹12-16 लाख पर 15%, ₹16-20 लाख पर 20%, ₹20-24 लाख पर 25% और उसके ऊपर 30% टैक्स प्रस्तावित है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने और सेक्शन 80D में बढ़ोतरी की मांग तेज है, जो मिडिल क्लास को महंगाई से राहत देगी। पुरानी और नई टैक्स रिजीम के बीच कन्फ्यूजन खत्म करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश आने की संभावना है।
जीएसटी पर अपेक्षित सुधार
जीएसटी 2.0 के बाद बजट में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) सुधार और वर्किंग कैपिटल बढ़ाने पर जोर रह सकता है, जिससे बिजनेस ईज बढ़ेगी। व्यापारियों ने जीएसटी को सरल बनाने, एमनेस्टी स्कीम और टैक्स चोरी रोकने के उपाय सुझाए हैं, जबकि सर्विस सेक्टर के लिए 18% दर कम करने की मांग है। राजस्व बढ़ोतरी के साथ टैक्स कलेक्शन को मजबूत करने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे।
होम लोन और रियल एस्टेट को बढ़ावा
होम लोन पर ब्याज कटौती सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने और लॉस सेट-ऑफ की अनुमति नई रिजीम में देने की उम्मीद है। अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए सब्सिडी बढ़ोतरी, जीएसटी पर रियायत और रेंटल हाउसिंग को टैक्स इंसेंटिव मिल सकते हैं। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ेगी और मध्यम वर्ग को घर खरीदना आसान होगा।
रेलवे क्षेत्र में कैपेक्स उम्मीदें
रेलवे को FY26 के ₹2.52 लाख करोड़ के स्तर पर या इससे ऊपर ₹2.8 लाख करोड़ का बजट सपोर्ट मिलने की संभावना है, जिसमें कावच सिस्टम, ट्रैक डबलिंग, स्टेशन रीडेवलपमेंट और बुलेट ट्रेन पर फोकस रहेगा। 8-15% YoY ग्रोथ के साथ RVNL, Titagarh, BEML जैसी कंपनियों को फायदा होगा। लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटाने के लिए यह आवंटन रणनीतिक महत्व का है।
स्टॉक मार्केट पर बजट का प्रभाव
बजट से रेलवे, इंफ्रा, डिफेंस और EV स्टॉक्स में तेजी की उम्मीद है, क्योंकि कैपेक्स बढ़ोतरी से इन सेक्टर्स को बूस्ट मिलेगा। टैक्स राहत से कंजम्पशन स्टॉक्स मजबूत होंगे, जबकि GST सुधार से व्यापारिक शेयरों को सपोर्ट मिलेगा। निवेशकों को डिफेंस, रेलवे और इंफ्रा थीम्स पर नजर रखनी चाहिए।
कृषि और एमएसएमई को सपोर्ट
किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे 11 करोड़ किसानों को फायदा होगा। एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम बढ़ाकर ₹5 करोड़ और ब्याज सब्सिडी विस्तार की अपेक्षा है, जो रोजगार सृजन को गति देगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर फोकस
आयुष्मान भारत को विस्तार देकर 50 करोड़ लोगों को कवरेज, साथ ही स्किल इंडिया के तहत 4 करोड़ युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रह सकता है। NEP 2020 के लिए बजट बढ़ोतरी और स्टूडेंट लोन पर सब्सिडी से शिक्षा क्षेत्र को बूस्ट मिलेगा। बेरोजगारी घटाने के लिए PLI स्कीम विस्तार महत्वपूर्ण होगा।
डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश
डिफेंस बजट ₹6.5 लाख करोड़ पार कर सकता है, जिसमें स्वदेशी हथियारों पर जोर और एक्सपोर्ट टारगेट 50,000 करोड़ का होगा। नेशनल इंफ्रा पाइपलाइन के लिए ₹11 लाख करोड़ आवंटन से हाईवे, एयरपोर्ट्स और ग्रीन एनर्जी को प्राथमिकता मिलेगी। इससे GDP ग्रोथ 7-8% रहने में मदद मिलेगी।
EV और ग्रीन एनर्जी पहल
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए FAME-III स्कीम लॉन्च हो सकती है, जिसमें सब्सिडी बढ़ाकर 30 लाख EV लक्ष्य रखा जाएगा। सोलर और विंड एनर्जी पर ₹1 लाख करोड़ निवेश से नेट जीरो 2070 लक्ष्य मजबूत होगा। बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को PLI से सपोर्ट मिलेगा।
स्टॉक मार्केट के लिए टॉप थीम्स
| सेक्टर | अपेक्षित प्रभाव | प्रमुख स्टॉक्स |
|---|---|---|
| रेलवे | कैपेक्स ₹2.8 लाख Cr | RVNL, Titagarh, IRCTC |
| डिफेंस | बजट 6.5 लाख Cr | HAL, BEL, BDL |
| इंफ्रा | ₹11 लाख Cr | L&T, NCC, PNC |
| FMCG | टैक्स राहत | HUL, ITC |