भारत 77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर शान, PM मोदी व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में भव्य परेड

गणतंत्र दिवस 2026 भारत के लिए ऐतिहासिक रहा क्योंकि इस वर्ष 77वीं बार संविधान लागू होने का उत्सव पूरे देश में मनाया गया।

भारत 77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर शान, PM मोदी व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में भव्य परेड

भारत आज 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे देशभक्ति और उत्साह के साथ मना रहा है। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ) पर आयोजित इस भव्य परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और विभिन्न गणमान्य अतिथिगण उपस्थित हैं, जबकि देशभर में स्वतंत्रता, संविधान और राष्ट्रीय एकता का उत्सव चरम पर है।

परंपरा का गौरव: तिरंगा वंदन और 21 तोपों की सलामी

दिन की शुरुआत सुबह जल्दी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा‌ के फहराने से हुई, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गौरवपूर्ण अंदाज़ में सलामी दी। इसके तुरंत बाद राष्ट्रगान के साथ 21 तोपों की सलामी दी गई, जिसमें 105 मिमी लाइट फील्ड गन्स का उपयोग हुआ — यह समारोह की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।

 पीएम मोदी का श्रद्धांजलि समारोह

गणतंत्र दिवस से पहले सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य पथ स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। तीनों सैन्य सेनाओं — थलसेना, नौसेना और वायु सेना — के प्रमुख भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत “2047 तक विकसित राष्ट्र” बनने के अपने लक्ष्य की दिशा में प्रगति करता रहेगा।

 मुख्य विषय और झांकियाँ

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम "वंदे मातरम् के 150 वर्ष" रखी गई है — यह राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगाँठ का प्रतीकात्मक जश्न भी है। परेड में विभिन्न झांकियाँ देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक विविधता को दर्शाती हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश के कोने-कोने से कलाकार और कलाकाराएँ भाग ले रहे हैं, जिनमें कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गोवा, झारखंड जैसे राज्यों की झांकियाँ शामिल हैं।

✈️ सैन्य प्रदर्शन और तकनीकी श्रेष्ठता

परंपरागत मार्चपास के अलावा, 2026 की परेड में भारत की सैन्य शक्ति और तकनीकी क्षमता का भव्य प्रदर्शन भी किया गया। इसमें शामिल हैं:

  • रोबोटिक डॉग्स, AI-आधारित अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स (UGVs), और स्मार्ट युद्ध प्रणालियाँ पहली बार परेड में प्रदर्शित की गईं।

  • भारतीय सेना के उन्नत प्रणालियाँ जैसे निग्रहा, भैरव और कृष्णा दिखायी गईं।

  • वायु सेना के Rafale, Su-30, MiG-29 सहित 29 विमानों का फ्लाईपास्ट कार्यक्रम हुआ, जो नागरिकों के लिए रोमांचक रहा।

यह तकनीकी प्रदर्शन भारत की डिजिटल, सामरिक और आत्मनिर्भर क्षमताओं की पुष्टि करता है और दर्शकों को गर्व का अनुभव देता है।

 मुख्य अतिथि और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी

इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अतिथि आमंत्रित हैं — यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, जो कार्यक्रम की वैश्विक कूटनीतिक महत्ता को दर्शाते हैं। इन अतिथियों का मुख्य मंच पर स्वागत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने किया।

 देशभर में उत्सव और कार्यक्रम

गणतंत्र दिवस का जश्न सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। भारत के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ध्वजारोहण, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नागरिकों द्वारा उत्साह के साथ तिरंगा फहराया गया। Jaipur, Raipur और अन्य शहरों में भी राज्य स्तरीय परेड और समारोह आयोजित हुए।

 सुरक्षा और आयोजन

दिल्ली समेत पूरे राष्ट्र में समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की गईं। सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और दर्शकों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्राथमिकता दी गई।