18 साल का इंतजार खत्म, कारों और वाइन पर घटेगी ड्यूटी

18 साल का इंतजार खत्म, कारों और वाइन पर घटेगी ड्यूटी

नई दिल्ली / ब्रुसेल्स (New Delhi / Brussels): भारत और यूरोपीय यूनियन (European Union - EU) के बीच 18 साल से चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत आखिरकार अंजाम तक पहुंच गई है। आज (27 जनवरी) दोनों पक्ष इस ऐतिहासिक समझौते का ऐलान कर सकते हैं। इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' (Mother of All Deals) कहा जा रहा है, जिससे भारत के लिए 27 यूरोपीय देशों का बड़ा बाजार खुल जाएगा।

इस डील पर मुहर लगाने के लिए यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल (Charles Michel) भारत में मौजूद हैं। वे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

लाइव अपडेट्स (Live Updates):

  • ऐतिहासिक समझौता: भारत और EU के बीच यह डील 2007 में शुरू हुई बातचीत का नतीजा है, जो 2013 में रुक गई थी और 2022 में फिर शुरू हुई। यह भारत का किसी पश्चिमी आर्थिक गुट के साथ अब तक का सबसे बड़ा समझौता है।

  • सस्ती होंगी लग्जरी कारें: सूत्रों के मुताबिक, इस डील के तहत भारत यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क (Import Duty) में भारी कटौती करेगा। ऑडी, मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और फॉक्सवैगन जैसी कारें सस्ती हो सकती हैं। ड्यूटी को 100% से घटाकर 40% तक लाने का प्रस्ताव है। हालांकि, यह छूट सालाना 2 लाख कारों के कोटा पर ही लागू होगी।

  • भारतीय कपड़ो और ज्वेलरी को फायदा: यूरोप में भारतीय टेक्सटाइल (कपड़ा), चमड़ा (Leather), और ज्वेलरी सेक्टर को 'जीरो ड्यूटी' (Zero Duty) का एक्सेस मिलेगा। इससे भारतीय निर्यातकों को बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

  • वाइन और व्हिस्की पर घटेगा टैक्स: यूरोप से आने वाली महंगी वाइन और स्कॉच व्हिस्की पर भी कस्टम ड्यूटी कम की जाएगी, जिससे ये भारतीय बाजार में सस्ती मिल सकेंगी।

  • वीजा नियमों में ढील: भारत ने अपने प्रोफेशनल्स (IT, हेल्थकेयर, नर्सेज) के लिए यूरोप में आसान वर्क वीजा की मांग की है, जिस पर सहमति बनने की खबर है।

क्यों अहम है यह डील? (Why is this deal important?) यह डील ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर चल रहा है। भारत के लिए यह चीन पर निर्भरता कम करने और निर्यात (Exports) को दोगुना करने का बड़ा मौका है। EU भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। 2024-25 में दोनों के बीच करीब 136 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था।

जानें क्या है खास (Key Highlights):

  1. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV): टाटा और महिंद्रा जैसी घरेलू कंपनियों को बचाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर ड्यूटी कटौती शुरुआती 5 साल तक लागू नहीं होगी।

  2. तीसरा देश: जापान और दक्षिण कोरिया के बाद भारत तीसरा बड़ा एशियाई देश होगा जिसके साथ EU ने इतना व्यापक समझौता किया है।

  3. सर्विस सेक्टर: अकाउंटिंग, इंजीनियरिंग और डिजिटल ट्रेड में भारतीय कंपनियों को यूरोप में काम करना आसान होगा।

समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर के बाद इसे दोनों पक्षों की संसद से मंजूरी लेनी होगी, जिसके बाद यह पूरी तरह लागू हो जाएगा।