BYJU’s फाउंडर बायजू रवींद्रन पर धोखाधड़ी मामले में FIR

BYJU’s फाउंडर बायजू रवींद्रन पर धोखाधड़ी मामले में FIR
बायजू ने 2003 और 2004 में 100 परसेंटाइल के साथ CAT क्लियर किया।

मुम्बई, 24 सितंबर 2025 — भारत के सबसे बड़े एड-टेक स्टार्टअप बायजू’स (Byju’s) के संस्थापक बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) और कंपनी के अन्य निदेशकों के खिलाफ मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) ने ठगी और धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी वनराई पुलिस स्टेशन (मुंबई) में दर्ज की गई है और इसमें कंपनी तथा उसके प्रमुख पदाधिकारियों पर लगभग 46.90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।

मामला एडिटया बिरला कैपिटल (Aditya Birla Capital) की ओर से किया गया, जो बायजू’स में एडमिशन लेने वाले NEET, CET, IIT और UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों को लोन देती है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अक्टूबर 2020 से मई 2023 तक, उनकी संस्था एडिटया बिरला फाइनेंस लिमिटेड (अब एडिटया बिरला कैपिटल) ने बायजू’स के छात्रों को लोन दिया, जिसमें छात्रों के CIBIL स्कोर और अन्य फॉर्मलिटीज कंपनी की मैनेजमेंट द्वारा करवाई जाती थी।


शिकायत के मुताबिक, बायजू’स ने छात्रों को यह चुनाव दिया था कि अगर उन्हें कक्षाएं पसंद नहीं आती हैं, तो 14 दिनों के अंदर वे अपनी फीस और लोन वापस प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, बाद में और प्रकरण में, बायजू’स मैनेजमेंट ने इस अवधि को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया और एडमिशन कैंसिल होने के बावजूद भुगतान किए गए लोन की रकम एडिटया बिरला फाइनेंस को वापस नहीं लौटाई, जिससे उन्हें 24.99 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कुल मिलाकर, बायजू’स की कार्यप्रणाली से एडिटया बिरला कैपिटल को लगभग 46.90 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

इसी आधार पर एडिटया बिरला कैपिटल ने पिछले साल मुंबई पुलिस की EOW में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रारंभिक जांच शुरू हुई थी। हाल ही में, ताजा FIR दर्ज हुई है और इस मामले में विस्तृत जांच शुरू हो गई है।


इस मामले में न तो बायजू’स की तरफ से कोई स्पष्ट बयान आया है और न ही भारत समाचार (Dainik Bhaskar) की मूल रिपोर्ट हमें प्राप्त हुई है। फिर भी, देश के प्रमुख समाचार पोर्टल्स और अंग्रेजी अखबारों में प्रकाशित रिपोर्ट्स के आधार पर यह जानकारी साझा की जा रही है।

यह मामला बायजू’स की कंपनी की कानूनी मुसीबतों के क्रम में एक और बड़ा झटका है। इससे पहले भी कंपनी का पैरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड का घाटा, कर्ज का बढ़ता बोझ और कई अन्य कानूनी विवाद दर्ज हो चुके हैं।